1.9 हज़ाररामलीला के मंच पर जमी दोस्ती, पर भोजन के खर्च के विवाद ने फिर बढ़ाई तल्खी; अनिल गुप्ता ‘घी वाले’ और प्रधान ललित गर्ग के बीच छिड़ी मूक जंग!
- दशहरे के भोज पर राजनीति: क्या रामलीला कमेटी के खाते में जाता है खर्च ? - अनिल गुप्ता का तीखा पलटवार: "यह हमारी प्रतिष्ठा को धूमिल करने की गहरी साजिश है!" - प्रधान और कोषाध्यक्ष की सफाई: "कमेटी ने कभी एक रुपया भी नहीं दिया, खर्च परिवार का ही होता है" - सियासी जमीन और मूक जंग: चुनाव हार के बाद क्या फिर से सुलग उठी अशोक विहार की राजनीति?





























































