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दिल्ली में निर्माण श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य योजना को एलजी की मंजूरी, मिलेगा 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज

पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके आश्रितों को सालाना दो लाख रुपये प्रति व्यक्ति और परिवार के लिए अधिकतम 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा।

Delhi Darpan Desk
Delhi Darpan Deskसमाचार डेस्क
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16 सितंबर 2026 · 1:39 am1.7 हज़ार व्यूज़
दिल्ली में निर्माण श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य योजना को एलजी की मंजूरी, मिलेगा 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज
दिल्ली में निर्माण श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य योजना को एलजी की मंजूरी, मिलेगा 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज — Hindustan Times

दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने राजधानी के पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके आश्रित परिजनों के लिए 'दिल्ली बिल्डिंग वर्कर्स हेल्थ स्कीम' को मंजूरी दे दी है। शनिवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस योजना को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और राज्य कैबिनेट द्वारा पहले ही स्वीकृति दी जा चुकी थी।

इस योजना के तहत दिल्ली बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड में पंजीकृत प्रत्येक श्रमिक और उसके जीवनसाथी को वार्षिक स्वास्थ्य जांच की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही पैनल में शामिल अस्पतालों के माध्यम से सीजीएचएस दरों पर कैशलेस ओपीडी परामर्श, जांच, दवाएं और अस्पताल में भर्ती होकर इलाज कराने की सुविधा प्रदान की जाएगी।

आधिकारिक बयान के मुताबिक, इस स्वास्थ्य योजना में आपातकालीन उपचार, व्यावसायिक रोग, गंभीर और पुरानी बीमारियां, विशिष्ट चिकित्सा देखभाल, मातृ स्वास्थ्य और पुनर्वास को शामिल किया गया है। योजना के अंतर्गत प्रत्येक लाभार्थी को सालाना दो लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा मिलेगी, जबकि पूरे परिवार के लिए यह सीमा अधिकतम 10 लाख रुपये प्रति वर्ष निर्धारित की गई है।

कार्यस्थल पर किसी दुर्घटना या गंभीर मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में श्रमिकों को पास के गैर-पैनलबद्ध अस्पताल में भी तुरंत इलाज कराने की छूट दी गई है। बयान में स्पष्ट किया गया है कि ऐसी आपात स्थिति में उस गैर-सूचीबद्ध अस्पताल को इलाज की अवधि तक के लिए अस्थायी रूप से मान्यता प्राप्त माना जाएगा।

योजना के बेहतर संचालन के लिए एक प्रोजेक्ट इंप्लीमेंटिंग एजेंसी को शुरुआत में तीन वर्षों के लिए नियुक्त किया जाएगा, जिसके कार्यकाल को कार्य प्रदर्शन के आधार पर एक वर्ष के लिए बढ़ाया जा सकेगा। इसके अलावा कार्यस्थलों से श्रमिकों को पैनल वाले अस्पतालों तक ले जाने, स्वास्थ्य जांच करने और जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से मोबाइल मेडिकल यूनिट्स की भी व्यवस्था की जाएगी।

प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने के लिए लाभार्थियों के रिकॉर्ड, इलाज के विवरण और दावों के निपटारे का प्रबंधन एक समर्पित डिजिटल सॉफ्टवेयर प्रणाली के जरिए किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रत्येक दावे का भुगतान करने से पहले थर्ड-पार्टी सत्यापन और बोर्ड द्वारा तय अन्य जरूरी जांच पूरी की जाएगी।

गौरतलब है कि दिल्ली बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड की स्थापना वर्ष 2002 में एक स्वायत्त वैधानिक निकाय के रूप में की गई थी। निर्माण नियोक्ताओं से एकत्रित सेस के माध्यम से संचालित होने वाले इस बोर्ड में वर्तमान में 2.7 लाख से अधिक निर्माण श्रमिक सक्रिय सदस्यों के तौर पर पंजीकृत हैं।

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