दिल्ली में मौसमी फ्लू और H1N1 के बढ़ते मामलों के बीच स्कूलों ने जारी की एडवाइजरी, बीमार बच्चों को घर रखने की सलाह
राजधानी में इन्फ्लूएंजा और स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए कई निजी स्कूलों ने अभिभावकों से बीमार बच्चों को स्कूल न भेजने की अपील की है।

राजधानी दिल्ली में मौसमी इन्फ्लूएंजा और H1N1 के बढ़ते मामलों के बीच कई निजी स्कूलों ने अभिभावकों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। स्कूलों ने अभिभावकों से अपील की है कि यदि बच्चों में सर्दी, खांसी या बुखार जैसे लक्षण दिखाई दें, तो उन्हें स्कूल भेजने से बचें। हाल के दिनों में बच्चों में लंबे समय तक बुखार और सांस संबंधी परेशानियों के मामले तेजी से सामने आए हैं।
दक्षिण दिल्ली स्थित टैगोर इंटरनेशनल स्कूल ने अभिभावकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। स्कूल की प्रधानाचार्य मल्लिका प्रेमन द्वारा जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि यदि बच्चे को गले में खराश, हल्का बुखार, बदन दर्द या असामान्य थकान महसूस हो रही है, तो उसे घर पर ही आराम करने दें। स्कूल ने बच्चों को बार-बार हाथ धोने और भीड़भाड़ वाले इलाकों में मास्क पहनने की भी सलाह दी है।
रोहिणी स्थित वेंकटेश्वर ग्लोबल स्कूल ने भी अभिभावकों से अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा है। प्रधानाचार्य नमिता सिंघल के अनुसार, बुखार, बहती नाक या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चा पूरी तरह ठीक होने और डॉक्टर की अनुमति के बाद ही स्कूल लौटे।
दक्षिण दिल्ली के द इंडियन स्कूल ने अभिभावकों से कहा है कि यदि बच्चे में H1N1 की पुष्टि होती है, तो इसकी सूचना तुरंत स्कूल प्रशासन को दें ताकि जरूरी एहतियाती उपाय किए जा सकें। स्कूलों का कहना है कि हल्के लक्षण होने पर भी संक्रमण दूसरे बच्चों और शिक्षकों में फैलने का खतरा रहता है।
शहर भर के अभिभावक भी बच्चों के कई दिनों तक अस्वस्थ रहने की शिकायत कर रहे हैं। मयूर विहार की एक अभिभावक ने बताया कि उनकी आठ वर्षीय बेटी को लगभग 10 दिनों तक बुखार रहा और उसे दो दिनों के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। वहीं डीपीएस द्वारका में पढ़ने वाली एक छात्रा की बीमारी के चलते स्कूल की मुख्य परीक्षा भी छूट गई।
दिल्ली पैरेंट्स एसोसिएशन ने भी मौजूदा हालात में सतर्कता बरतने की मांग की है। एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अधिवक्ता मनोज कुमार शर्मा ने कहा कि यदि बच्चा बीमार है और उसकी दो-तीन दिन की कक्षाएं छूटती हैं, तब भी पढ़ाई की तुलना में बच्चे के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
हालिया सरकारी आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में इस साल H1N1 के कुल 1,777 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। राजधानी में 20 अगस्त को ही संक्रमण के 114 नए मामले सामने आए थे। मामलों में हो रही इस बढ़ोतरी को देखते हुए ही स्कूल प्रशासन सतर्कता बरत रहा है।
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