दिल्ली में महिलाओं और छात्राओं के लिए 56 इलेक्ट्रिक बसें शुरू, 200 नई ई-बसें बेड़े में शामिल
उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री ने दिल्ली विश्वविद्यालय से दिखाई हरी झंडी, दिल्ली-करनाल ई-बस सेवा भी शुरू।

राजधानी दिल्ली में महिलाओं और छात्राओं के सुरक्षित सफर को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली सरकार ने बुधवार को 56 समर्पित महिला स्पेशल इलेक्ट्रिक बस सेवाओं की शुरुआत की है। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली विश्वविद्यालय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से 200 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान महिला स्पेशल बसों के साथ-साथ दिल्ली-करनाल अंतरराज्यीय ई-बस सेवा और राजघाट डिपो-1 में एक सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन का भी उद्घाटन किया गया।
अधिकारियों के अनुसार, इन 56 सेवाओं में से 30 फेरे 15 अधिक मांग वाले प्रमुख मार्गों पर चलेंगे, जबकि 26 फेरे विश्वविद्यालय स्पेशल (यू-स्पेशल) के तौर पर 13 निर्धारित मार्गों पर संचालित किए जाएंगे। यह बसें सुबह 7:52 बजे से 9:00 बजे तक और शाम को 4:32 बजे से 6:15 बजे के पीक ऑवर्स के दौरान चलेंगी। इन मार्गों के जरिए नेहरू प्लेस, एम्स, साउथ एक्सटेंशन, आरके पुरम, कनॉट प्लेस, आईटीओ, दिल्ली सचिवालय, करोल बाग, कश्मीरी गेट और शिवाजी स्टेडियम जैसे प्रमुख कामकाजी और व्यापारिक केंद्र जुड़ेंगे।
विश्वविद्यालय स्पेशल बसें दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रमुख कॉलेजों जैसे हिंदू कॉलेज, रामजस, दौलत राम, श्रीराम कॉलेज, लेडी श्रीराम, गार्गी, आत्माराम सनातन धर्म और हंसराज कॉलेज तक आवागमन को आसान बनाएंगी। सुरक्षा के मद्देनजर महिला स्पेशल बसों में महिला पुलिसकर्मियों और होमगार्ड्स की तैनाती की गई है। साथ ही किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए इन बसों में लगे पैनिक बटन को दिल्ली पुलिस के 112 पीसीआर इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम से सीधे जोड़ा गया है।
शामिल की गई 200 नई इलेक्ट्रिक बसों में 88 बसें 12-मीटर वाली और 112 बसें 9-मीटर वाली 'देवी' बसें हैं। सरकार के मुताबिक, इन नई बसों के आने के बाद दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों की कुल संख्या 5,000 के पार पहुंच गई है, जबकि कुल सरकारी बसों का बेड़ा अब लगभग 6,800 हो गया है। इसके अलावा दिल्ली-करनाल रूट पर पांच वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी, जो दोनों दिशाओं में रोजाना कुल 10 फेरे लगाएंगी।
राजघाट डिपो-1 में शुरू किए गए नए पब्लिक चार्जिंग स्टेशन पर 240 किलोवाट के चार चार्जर लगाए गए हैं, जो बसों के अलावा भारी वाणिज्यिक इलेक्ट्रिक वाहनों और निजी कारों को चार्ज करने में सक्षम हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार का लक्ष्य साल 2028-29 तक राजधानी में बसों के कुल बेड़े को लगभग 14,000 तक पहुंचाने का है, ताकि लोगों को स्वच्छ और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराया जा सके।
इन नई सेवाओं में महिला चालकों और परिचालकों की भी अहम भूमिका रहेगी। बहादुरगढ़ निवासी किरण छिकारा और चरखी दादरी की बबिता देवी जैसी कई प्रशिक्षित महिला चालक इन बसों की कमान संभाल रही हैं। संविदा पर कार्यरत इन चालकों को 862 रुपये प्रतिदिन मानदेय और महीने में चार दिन का अवकाश मिलता है।
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