शालीमार बाग में प्रयास विद्यामंदिर का 5वां 'नींव उत्सव' धूमधाम से संपन्न; प्रूडेंस के सहयोग से 300 गरीब बच्चों को मिल रही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
-भावुक पल: प्रूडेंस चेयरमैन डॉ. जी.एस. मठारू के अतुलनीय सहयोग को याद कर मंच पर भावुक हुईं अध्यक्षा तृप्ति चौधरी। - 2 से 300 का सफर: वर्ष 2023 में मंदिर से 2 बच्चों के साथ शुरू हुई यह पहल आज 300 जरूरतमंद बच्चों को दे रही है मुफ्त व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा।

-दिल्ली दर्पण ब्यूरो ,
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के शालीमार बाग स्थित 'प्रयास विद्यामंदिर' में इस वर्ष 5वां 'नींव उत्सव' बड़े ही हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ आयोजित किया गया। 'प्रूडेंस स्कूल' के विशेष सहयोग से आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दिल्ली नगर निगम के महापौर प्रवेश वाही ने शिरकत की। इसके अलावा, इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक राजकुमार भाटिया, निगम पार्षद अमित नागपाल और प्रसिद्ध समाज सेविका ज्योति शर्मा सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति और बच्चों के अभिभावक मौजूद रहे। प्रूडेंस चेयरमैन डॉ. जी.एस. मठारू के योगदान को याद कर भावुक हुईं अध्यक्षा

कार्यक्रम के दौरान एक अत्यंत भावुक क्षण तब देखने को मिला जब प्रयास विद्यामंदिर की अध्यक्षा तृप्ति चौधरी मंच से लोगों को संबोधित कर रही थीं। पूर्व प्रशासनिक अधिकारी और 'प्रूडेंस' शिक्षा समूह के संस्थापक डॉ. जी.एस. मठारू के अतुलनीय योगदान और उनके मार्गदर्शन को याद करते हुए तृप्ति चौधरी अपने आंसू रोक न सकीं और मंच पर ही भावुक हो गईं। डॉ. मठारू ने न सिर्फ शिक्षा जगत में 'प्रूडेंस' जैसा बड़ा नाम स्थापित किया, बल्कि उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा समाज के अंतिम पायदान पर खड़े गरीब से गरीब बच्चे तक पहुंचे। हालांकि, किसी कारणवश डॉ. मठारू कार्यक्रम में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हो सके, लेकिन संस्थान के प्रति उनके योगदान की सभी ने मुक्तकंठ से सराहना की।
2 बच्चों से शुरू हुआ सफर, आज 300 बच्चे ले रहे नि:शुल्क

शिक्षा वर्ष 2023 में एक छोटे से मंदिर परिसर से महज दो बच्चों के साथ शुरू हुआ शिक्षा का यह पवित्र अभियान प्रूडेंस परिवार के निरंतर सहयोग से आज एक विशाल वटवृक्ष बन चुका है। वर्तमान में प्रयास विद्यामंदिर के माध्यम से झुग्गी-बस्तियों और जरूरतमंद परिवारों के लगभग 300 बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। 5वें नींव उत्सव के इस खास मौके पर इन नौनिहालों ने एक से बढ़कर एक मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर अपनी अद्भुत प्रतिभा का लोहा मनवाया।
"झुग्गी बस्तियों में शिक्षा देना सबसे बड़ी समाज सेवा": मेयर प्रवेश वाही
अपने संबोधन में दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही ने प्रयास विद्यामंदिर और प्रूडेंस परिवार के इस साझा प्रयास की दिल खोलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि प्रयास विद्यामंदिर का यह सराहनीय कार्य दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के क्षेत्र में चल रहा है, जिन्होंने खुद झुग्गी बस्तियों में जरूरतमंदों की सेवा के कई अभूतपूर्व कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि गरीब बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना समाज की सबसे बड़ी सेवा है। इसके साथ ही मेयर ने कहा कि जो बच्चे किसी वजह से स्कूल नहीं जा पा रहे हैं, उन्हें स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करना हम सबकी साझी जिम्मेदारी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि आज एमसीडी के स्कूल पूरी तरह से बदल चुके हैं, जहां शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतरीन सुविधाएं और योग्य शिक्षक मौजूद हैं।
"डिजिटल दूरी खत्म कर बच्चों को दें क्वालिटी टाइम": विधायक राजकुमार भाटिया
कार्यक्रम में पहुंचे क्षेत्रीय विधायक राजकुमार भाटिया ने अभिभावकों को संबोधित करते हुए आज के दौर की एक गंभीर सामाजिक समस्या पर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि मोबाइल और डिजिटल गैजेट्स ने परिवारों में बच्चों और माता-पिता के बीच के आपसी संवाद को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है, जो बच्चों के मानसिक विकास के लिए सही नहीं है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी व्यस्त दिनचर्या में से बच्चों को 'क्वालिटी टाइम' दें और उनसे नियमित रूप से बातचीत करें।
'पढ़ेगा इंडिया, तभी तो आगे बढ़ेगा इंडिया'
'प्रूडेंस स्कूल' और 'प्रयास विद्यामंदिर' का यह संयुक्त प्रयास न केवल सैकड़ों बच्चों के सुनहरे भविष्य की नींव रख रहा है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक प्रेरणादायक मिसाल भी पेश कर रहा है। कार्यक्रम में मौजूद सभी अतिथियों ने एक स्वर में माना कि देश को 'विकसित भारत' और 'विश्व गुरु' बनाने का असली मंत्र शिक्षा की इसी क्रांति से होकर जाता है।
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