CBI का बड़ा एक्शन: केशव पुरम व डेरावाला नगर में अवैध निर्माण पर ₹5 लाख की रिश्वत लेते MCD बेलदार गिरफ्तार , JE दिलखुश मीणा समेत 4 पर FIR
नई दिल्ली (दिल्ली दर्पण टीवी): दिल्ली नगर निगम (MCD) के केशव पुरम जोन में कथित रिश्वतखोरी और अवैध निर्माण से जुड़े मामले में CBI की एंटी करप्शन ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए MCD के बेलदार महेश कुमार शर्मा को 5 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। CBI की एफआईआर में जूनियर इंजीनियर (JE) दिलखुश मीणा, पूर्व MCD कर्मचारी अरुण कुमार यादव और बिचौलिए रत्नेश को भी सह-आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि डेरावाला नगर स्थित एक अनधिकृत निर्माण पर कार्रवाई न करने के बदले रिश्वत की मांग की गई थी।

नई दिल्ली (दिल्ली दर्पण टीवी) : दिल्ली में नगर निगम का केशव पुरम जोन पिछले काफी समय से सीबीआई और एंटी करप्शन विभाग के ख़ास निशाने पर है। वजह दिल्ली दर्पण ने वज़ीरपुर इंडस्ट्रियल एरिया हर विभाग में चल रहे सुनियोजित भ्र्ष्टाचार से जुड़े खबरें दिखाई और प्रकाशित की थी। किस तरह सरेआम सील बिल्डिंग्स में काम चल रहा है , कैसे बिना नक़्शे पास कराये धड्ड्ले से अवैध निर्माण किये जा रहे है। लेकिन हद और हैरत की बात तो यह है कि तमाम शिकायतों के बावजूद भी नगर निगम के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। लेकिन जब एमसीडी की दादागिरी हद से ज्यादा बढ़ गए तो शिकायतों का अम्भार भी लगाने लगा। यही वजह ही की सीबीआई इस मामले में हरकत में आयी। कल बुधवार को सीबीआई अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से चल रहे अवैध निर्माण के खेल पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक और बड़ा प्रहार किया है। CBI की एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने दिल्ली नगर निगम (MCD) के केशव पुरम व सिविल लाइन्स जोन से जुड़े एक बड़े रिश्वतकांड का पर्दाफाश करते हुए MCD के बेलदार महेश कुमार शर्मा को 5 लाख रुपये की रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया है।
इस पूरे मामले में भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश की जड़ों का खुलासा तब हुआ जब CBI ने दर्ज एफआईआर (संख्या RC0032026A0048) में MCD के जूनियर इंजीनियर (JE) दिलखुश मीणा, पूर्व MCD कर्मचारी अरुण कुमार यादव और बिचौलिए रत्नेश का नाम भी बतौर सह-आरोपी शामिल किया। जांच एजेंसी की इस कार्रवाई के बाद से निगम के निर्माण विभाग में हड़कंप मच गया है।
मामले का मुख्य घटनाक्रम उत्तर-पश्चिम दिल्ली के पॉश इलाके डेरावाला नगर (प्लॉट नंबर A-215) में चल रहे एक अनधिकृत निर्माण से जुड़ा है। आरोप है कि पीड़ित पक्ष नवीन सिंगला से उनकी इस साइट पर बिना किसी प्रशासनिक कार्रवाई या बुलडोजर के डर के निर्माण कार्य जारी रखने के एवज में MCD अधिकारियों के नाम पर 5 लाख रुपये की भारी-भरकम रिश्वत मांगी गई थी।
CBI की जांच के अनुसार, गिरफ्तार बेलदार महेश कुमार शर्मा ने JE दिलखुश मीणा और पूर्व MCD अधिकारी अरुण कुमार यादव के साथ मिलकर रिश्वत की वसूली का पूरा ताना-बाना बुना था। साजिश के तहत 5 लाख रुपये की राशि बिचौलिए रत्नेश के जरिए ली गई, जिसे आगे JE दिलखुश मीणा और अरुण कुमार यादव तक पहुंचाया जाना था। लेन-देन की इस प्रक्रिया में से ₹1,00,000 की रकम सह-आरोपी रत्नेश को वापस ट्रांसफर भी की गई थी।
शिकायत मिलने के बाद CBI की टीम ने 29 जुलाई 2026 को जाल बिछाकर आरोपी बेलदार महेश कुमार शर्मा को दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद की गई व्यक्तिगत तलाशी में उसके कब्जे से दो एयरटेल सिम कार्ड से लैस OnePlus 11R 5G मोबाइल, MCD बिल्डिंग डिपार्टमेंट का आधिकारिक पहचान पत्र, आधार कार्ड और ₹13,000 की नकदी बरामद की गई।
CBI अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि आरोपी लोक सेवकों के नाम पर खुलेआम रिश्वतखोरी का सिंडिकेट चला रहे थे। मामले के गवाहों को प्रभावित करने और साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका के चलते यह गिरफ्तारी की गई है। फिलहाल CBI की टीमें JE दिलखुश मीणा समेत अन्य नामजद आरोपियों की तलाश और उनकी भूमिका की विस्तृत जांच में जुटी हैं, जिससे आने वाले दिनों में और भी बड़ी कार्रवाइयां संभव मानी जा रही हैं।
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