गुरुग्राम: शादी के लिए पैसे वापस मांगना पड़ा भारी, पूर्व सहकर्मी ने की थी कंपनी मैनेजर की हत्या
गुरुग्राम में रियल एस्टेट कंपनी के मैनेजर की हत्या के मामले में पुलिस पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं।
गुरुग्राम के सेक्टर-29 स्थित एक रियल एस्टेट कंपनी के मैनेजर युवराज सिंह मानचंदा की हत्या के मामले में पुलिस जांच में कई अहम खुलासे हुए हैं। जांच अधिकारियों के अनुसार, युवराज की हत्या उसकी पूर्व सहकर्मी आन्या वत्स और उसके लिव-इन पार्टनर संयम सचदेवा ने रुपयों के लेन-देन को लेकर उपजे विवाद में की थी। युवराज ने आन्या को कुछ रकम उधार दी थी, जिसे वह अपनी आगामी शादी के सिलसिले में वापस मांग रहा था।
दिल्ली निवासी युवराज की शादी अक्टूबर में तय थी। परिजनों के मुताबिक, वह छह सितंबर को शादी की खरीदारी करने की बात कहकर घर से निकला था, जिसके बाद वह लापता हो गया। दस सितंबर को उसका शव बादशाहपुर के एक नाले से बरामद किया गया था। उस समय पहचान न हो पाने के कारण पुलिस ने तीन दिन बाद उसका अंतिम संस्कार करा दिया था।
साउथ-ईस्ट दिल्ली के डीसीपी विनीत कुमार ने बताया कि मामले की तफ्तीश के दौरान सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल सर्विलांस और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की मदद से दोनों आरोपियों को उत्तराखंड के कैंची धाम से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने हत्या की बात कबूल कर ली है। फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस रिमांड पर हैं और उनसे गहन पूछताछ जारी है।
पुलिस पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी आन्या लगातार अपने बयान बदल रही है। शुरुआती पूछताछ में दोनों आरोपियों ने गर्दन में दो गोलियां मारकर युवराज की हत्या करने की बात कही थी, लेकिन अब आन्या गला दबाकर हत्या करने का दावा कर रही है। इसके अलावा शव को गाड़ी में छिपाए रखने की अवधि को लेकर भी आरोपियों ने अपने बयान सात घंटे से बदलकर दो दिन कर दिए हैं।
इस बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर उनके एक पूर्व सहकर्मी ने दावा किया है कि आन्या अक्सर मां की बीमारी का बहाना बनाकर लोगों से पैसे उधार लेती थी। सहकर्मी का आरोप है कि पैसे वापस मांगने पर वह आयकर अधिकारियों के नाम से फोन करवाकर लोगों को धमकाती थी। युवराज ने भी जब अपनी शादी के लिए रकम वापस मांगी, तो उसे बातचीत के बहाने बुलाकर वारदात को अंजाम दिया गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि आन्या के खिलाफ पहले से ही आपराधिक मामले दर्ज हैं। दिल्ली के संसद मार्ग थाने में उसके खिलाफ सवा करोड़ रुपये की ठगी का एक मुकदमा दर्ज है, जिसमें उस पर खुद को वरिष्ठ सरकारी अधिकारी बताकर लोगों से पैसे ऐंठने का आरोप है। वहीं उसके साथी संयम सचदेवा के खिलाफ भी घरेलू हिंसा का मामला दर्ज होने की बात सामने आई है।
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