दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की मुठभेड़ के बाद बंबीहा व नंदू गैंग को हथियार मुहैया करवाने वाले आरोपी को धर दबोचा
- अक्षरधाम के पास मुठभेड़ और सहयोगी की गिरफ्तारी - दीनपुर गांव फायरिंग केस से हुआ सिंडिकेट का खुलासा

- मुकेश राणा , दिल्ली दर्पण
दिल्ली क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर दविंदरपाल सिंह उर्फ गोपी लाहौरिया (कनाडा), बंबीहा गैंग और कपिल सांगवान उर्फ नंदू गैंग को हथियार सप्लाई करने वाले मुख्य सप्लायर वसीम उर्फ हाजी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। मेरठ निवासी वसीम के कब्जे से पुलिस ने एक पिस्तौल, तीन कारतूस और एक स्विफ्ट कार बरामद की है। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा भी हुआ है कि वसीम ने ही 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान आरोपी शाहरुख पठान को वह पिस्तौल दी थी, जिससे उसने सरेराह पुलिसकर्मी पर तानकर गोली चलाई थी।

क्राइम ब्रांच के डीसीपी संजीव यादव के मार्गदर्शन और इंस्पेक्टर मान सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली थी। इसके आधार पर मयूर विहार फ्लाईओवर सर्विस रोड पर अक्षरधाम की ओर जाल बिछाकर स्विफ्ट कार को रोकने का प्रयास किया गया। खुद को घिरा देख आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने हवा में चेतावनी फायर करते हुए हाजी वसीम को काबू कर लिया। पुलिस ने एक दिन पहले ही वसीम के मुख्य सहयोगी माजिद उर्फ अरमान (निवासी सीलमपुर, दिल्ली) को भी दबोचा था।
इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश 16 अगस्त 2026 को दिल्ली के छावला थाना क्षेत्र स्थित दीनपूर गांव में उमेद सिंह के घर पर हुई फायरिंग की जांच के दौरान हुआ। मामले में पहले गिरफ्तार हुए पंजाब के दो शूटरों और उनके एक साथी की निशानदेही पर ही पुलिस हथियार सप्लायर माजिद और मुख्य सप्लायर हाजी वसीम तक पहुंची। पुलिस के अनुसार, वसीम पर हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के 5 से ज्यादा मामले दर्ज हैं, जबकि माजिद पर 50 से अधिक आपराधिक मामले हैं। यह गिरोह विदेश में बैठे गैंगस्टर दविंदरपाल सिंह उर्फ गोपी लाहौरिया के इशारे पर भी काम करता था। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है।
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