मुजफ्फरनगर में पूर्व बसपा विधायक शाहनवाज राणा के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी, 20 करोड़ के टैक्स घोटाले की जांच
प्रवर्तन निदेशालय ने टैक्स चोरी और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट के मामले में पूर्व विधायक और उनसे जुड़े कारोबारियों के कई ठिकानों पर जांच शुरू की है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मुजफ्फरनगर में पूर्व बसपा विधायक शाहनवाज राणा से जुड़े कई ठिकानों पर सोमवार सुबह छापेमारी की। केंद्रीय जांच एजेंसी की टीम सुबह करीब आठ बजे लगभग 12 गाड़ियों के काफिले के साथ मुजफ्फरनगर पहुंची। किसी को शक न हो, इसके लिए टीम के वाहनों पर 'बोल बम' के स्टिकर लगाए गए थे।
जांच टीम ने मेरठ रोड स्थित पूर्व विधायक के आवास 'राणा हाउस', उनके अखबार के कार्यालय और मॉडल टाउन स्थित 'जम्मूदीप इंपोर्ट-एक्सपोर्ट' के दफ्तर में तलाशी शुरू की। राणा हाउस परिसर में पूर्व विधायक के अलावा उनके चाचा पूर्व सांसद कादिर राणा और पूर्व विधायक नूर सलीम राणा के भी आवास स्थित हैं। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए तीनों स्थानों पर लगभग 50 स्थानीय पुलिसकर्मियों के साथ सीआरपीएफ जवानों को तैनात किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत की जा रही है। पूरा मामला करीब 20 करोड़ रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) में हेराफेरी और टैक्स चोरी से जुड़ा हुआ है। शाहनवाज राणा पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी बिलों और दस्तावेजों के जरिए अनुचित तरीके से आईटीसी का लाभ लिया।
ईडी के लखनऊ जोनल कार्यालय की टीमें मुजफ्फरनगर के अलावा गाजियाबाद और फरीदाबाद में भी छह अलग-अलग स्थानों पर जांच कर रही हैं। शाहनवाज राणा के साथ व्यापारिक संबंध रखने वाले कारोबारियों को भी इस कार्रवाई के दायरे में लिया गया है। प्रेमपुरी में स्टील कारोबारी संजय जैन और नई मंडी में पूर्व विधायक के चार्टर्ड अकाउंटेंट विराज चौधरी के आवास पर भी तलाशी ली जा रही है।
इसके साथ ही द्वारिकापुरी और नई मंडी में पूर्व चेयरमैन अनिल तायल तथा द्वारिका सिटी में बालाजी रोलिंग मिल के मालिक आकाश कुमार के परिसरों पर भी टीमें मौजूद हैं। अधिकारी व्यापारिक लेन-देन, वित्तीय खातों के रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की विस्तृत पड़ताल कर रहे हैं। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बिना वास्तविक माल की आवाजाही के फर्जी बिल और ई-वे बिल तैयार कर राजस्व को कितना नुकसान पहुंचाया गया।
गौरतलब है कि इससे पहले भी शाहनवाज राणा को अपनी स्टील फैक्ट्री में जांच करने पहुंची जीएसटी टीम पर कथित हमले के मामले में गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में उन्हें पहले मुजफ्फरनगर और फिर चित्रकूट जेल में रखा गया था, जिसके बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट से उन्हें जमानत मिली थी।
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