गुरुग्राम: बिजली निजीकरण के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, फर्रुखनगर में तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
फर्रुखनगर में कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर बिजली कर्मचारियों की हड़ताल खत्म कराने और आपूर्ति बहाल करने की मांग की।

गुरुग्राम जिले के फर्रुखनगर में बिजली व्यवस्था के निजीकरण के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता सुखबीर जे. तंवर और ब्लॉक अध्यक्ष सुनील यादव की अगुवाई में स्थानीय लोगों के प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री को अपनी मांगों का पत्र भेजा।
सौंपे गए ज्ञापन में सरकार से बिजली सेवाओं के निजीकरण का निर्णय तुरंत वापस लेने का आग्रह किया गया है। इसके अलावा हड़ताल पर गए बिजली कर्मचारियों से वार्ता कर गतिरोध समाप्त करने और शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति को तत्काल पटरी पर लाने की मांग उठाई गई।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बिजली आम जनता से जुड़ी एक अनिवार्य बुनियादी सेवा है। ऐसे में इस सार्वजनिक व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने की नीति पर सरकार को नए सिरे से विचार करना चाहिए, ताकि आम नागरिकों पर इसका प्रतिकूल असर न पड़े।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि बिजली संकट की वजह से फर्रुखनगर और आसपास के देहाती इलाकों में सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बिजली न मिलने से पेयजल वितरण व्यवस्था चरमरा गई है, जिससे स्थानीय दुकानदारों और छोटे कारोबारियों को लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा है।
विद्युत आपूर्ति ठप होने से क्षेत्र के किसानों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। रबी की बुवाई और फसलों की सिंचाई का कार्य प्रभावित होने से किसानों को भविष्य में उपज को लेकर चिंता सता रही है, इसलिए प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की गई है।
इस दौरान कई स्थानीय गणमान्य लोग और ग्रामीण मौजूद रहे। ज्ञापन सौंपने वालों में दिनेश सरपंच, ऋषि चांदनगर, पार्षद होशियार सैनी, मनोज बंसल, डॉ. राजेंद्र, गजराज सेक्रेटरी, हरिकिशन, अशोक सैनी, रामपाल यादव, उषा यादव, वरुण वत्स, शिव कुमार, हुकमचंद, रविंद्र और मनीष प्रमुख रूप से शामिल थे।
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