मेरठ ड्रम हत्याकांड: पति की हत्या कर शव सीमेंट में दबाने वाली पत्नी और उसके साथी को फांसी की सजा
मेरठ की अदालत ने सौरभ राजपूत हत्याकांड में पत्नी मुस्कान और उसके साथी साहिल को दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई है।

मेरठ की एक अदालत ने मार्च 2025 में हुए सौरभ राजपूत हत्याकांड में उसकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और सहपाठी साहिल शुक्ला उर्फ मोहित को फांसी की सजा सुनाई है। अदालत ने 30 सितंबर को दोनों को हत्या और साक्ष्य मिटाने का दोषी ठहराया था, जिसके बाद 14 अक्टूबर को मृत्युदंड का फैसला सुनाया गया। इसके साथ ही दोनों दोषियों पर हत्या के लिए 50-50 हजार रुपये और साक्ष्य छिपाने के आरोप में 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। कानूनी प्रक्रिया के तहत इस सजा पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय की मुहर लगना अनिवार्य है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, लंदन में काम कर चुके मर्चेंट नेवी के पूर्व अधिकारी सौरभ राजपूत फरवरी 2025 में अपनी बेटी का जन्मदिन मनाने मेरठ लौटे थे। आरोप है कि 3 मार्च 2025 की रात मुस्कान ने सौरभ के खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया और उसके बेहोश होने के बाद साहिल को घर बुला लिया। दोनों ने धारदार हथियार से सौरभ की हत्या कर दी और उसके शव के टुकड़े कर एक नीले प्लास्टिक के ड्रम में रख दिए। शव की दुर्गंध छिपाने और सबूत मिटाने के लिए ड्रम को सीमेंट, रेत और पानी के मिश्रण से पूरी तरह भर दिया गया था।
वारदात का खुलासा 17 मार्च 2025 को तब हुआ जब सौरभ से कई दिनों तक संपर्क न हो पाने पर उसके परिजन पुलिस के साथ घर पहुंचे। तलाशी के दौरान वहां बंद पड़ा भारी ड्रम मिला, जिसे खोलने पर सौरभ के अवशेष बरामद हुए। सौरभ के भाई की शिकायत पर पुलिस ने 18 मार्च 2025 को मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर लिया था। जांच अधिकारियों के अनुसार, हत्या के बाद मुस्कान सौरभ के मोबाइल से उसके परिजनों को संदेश भेजकर यह दर्शाती रही कि वह जीवित है और काम के सिलसिले में बाहर गया हुआ है।
इस मामले में कोई प्रत्यक्षदर्शी गवाह नहीं था, इसलिए अभियोजन ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की कड़ी अदालत के सामने पेश की। नीला ड्रम, सीमेंट, रेत और धारदार औजार बेचने वाले दुकानदारों के बयान मामले में अहम साबित हुए। इसके अलावा कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल टावर लोकेशन और हिमाचल प्रदेश के शिमला-मनाली में दोनों की मौजूदगी के यात्रा दस्तावेजों ने साहिल और मुस्कान के खिलाफ मामले को मजबूत किया। करीब 1,000 पन्नों की चार्जशीट, 22 गवाहों और 126 सुनवाइयों के बाद अदालत ने दोनों को दोषी करार दिया।
पारिवारिक पृष्ठभूमि के अनुसार, मुस्कान और सौरभ ने नाबालिग उम्र में कई बार भागने के बाद 18 वर्ष के होने पर प्रेम विवाह किया था। बाद में स्कूल के पुराने सहपाठी साहिल से मुस्कान की नजदीकी बढ़ी और यह संबंध अपराध की वजह बना। जेल में रहने के दौरान मुस्कान ने नवंबर 2025 में अपनी दूसरी बेटी को जन्म दिया, जो फिलहाल जेल में उसके साथ है। सौरभ के परिजनों ने इस बच्ची की जिम्मेदारी लेने से इनकार किया है, जबकि उसकी कस्टडी और पालन-पोषण को लेकर अदालत में कानूनी प्रक्रिया जारी है।
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