सामग्री पर जाएँ
ताज़ा
दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई: रोहिणी में ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ के तहत 161 चोरी के वाहन और 9 करोड़ की हेरोइन बरामद, 103 गिरफ्तारहरदीप सिंह निज्जर की हत्या की गोल्डी बराड़ ने ली जिम्मेदारी, कथित ऑडियो टेप आया सामनेशालीमार बाग में प्रयास विद्यामंदिर का 5वां 'नींव उत्सव' धूमधाम से संपन्न; प्रूडेंस के सहयोग से 300 गरीब बच्चों को मिल रही गुणवत्तापूर्ण शिक्षादिल्ली: 1984 के हत्या मामले में 42 साल से फरार 65 वर्षीय आरोपी उत्तर प्रदेश से गिरफ्तारदिल्ली से केरल एमडीएमए तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, महिला समेत चार गिरफ्तारफरीदाबाद में सरकारी छुट्टियों पर भी मतदान केंद्रों पर बैठेंगे बीएलओ, मतदाता सूची से जुड़े काम होंगे

दिल्ली कैबिनेट ने प्राइवेट यूनिवर्सिटी विधेयक को दी मंजूरी, स्थानीय छात्रों के लिए 25% सीटें होंगी आरक्षित

राजधानी में निजी विश्वविद्यालय खोलने के लिए कानूनी ढांचा तैयार करने वाले विधेयक के प्रारूप को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है।

Delhi Darpan Desk
Delhi Darpan Deskसमाचार डेस्क
शेयर
8 अगस्त 2026 · 3:34 am1.2 हज़ार व्यूज़अपडेटेड 3:36 am
दिल्ली कैबिनेट ने प्राइवेट यूनिवर्सिटी विधेयक को दी मंजूरी, स्थानीय छात्रों के लिए 25% सीटें होंगी आरक्षित
दिल्ली कैबिनेट ने प्राइवेट यूनिवर्सिटी विधेयक को दी मंजूरी, स्थानीय छात्रों के लिए 25% सीटें होंगी आरक्षित

दिल्ली कैबिनेट ने शुक्रवार को राजधानी में निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए एक नए विधेयक के प्रारूप को अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस प्रस्तावित कानून को अगले सप्ताह जारी सत्र के दौरान दिल्ली विधानसभा में विचार के लिए पेश किया जाएगा। इस कदम के बाद दिल्ली में निजी विश्वविद्यालयों के गठन और उनके संचालन के लिए एक स्पष्ट कानूनी ढांचा तैयार हो जाएगा।

प्रस्तावित कानून के तहत प्रत्येक पाठ्यक्रम में दिल्ली के स्थानीय विद्यार्थियों के लिए 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा वित्तीय सहायता के रूप में 5 प्रतिशत सीटों पर पूरी फीस माफ होगी, जबकि 10 प्रतिशत सीटों पर 50 प्रतिशत और अन्य 10 प्रतिशत सीटों पर मेरिट-कम-मीन्स के आधार पर 25 प्रतिशत फीस छूट दी जाएगी। प्रवेश के समय ही पूरे कोर्स की फीस घोषित करनी होगी और पढ़ाई के दौरान फीस में कोई बढ़ोतरी नहीं की जा सकेगी।

शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कैबिनेट के निर्णय की जानकारी देते हुए कहा कि इस कानून का मुख्य उद्देश्य दिल्ली के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों में जाने से रोकना है। उन्होंने कहा कि दिल्ली लंबे समय से उच्च शिक्षा की तैयारी का केंद्र तो रही, लेकिन गुणवत्तापूर्ण निजी विश्वविद्यालयों के अभाव में यहां के युवाओं को बाहर जाना पड़ता था। सरकार के इस कदम से इस ऐतिहासिक विसंगति को दूर किया जा सकेगा।

दिल्ली में जमीन की सीमित उपलब्धता को देखते हुए विधेयक में बड़े परिसरों के बजाय 'वर्टिकल कैंपस' विकसित करने का रास्ता साफ किया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इसके लिए भूमि या निर्मित क्षेत्र की कोई न्यूनतम सीमा तय नहीं की गई है, लेकिन प्रायोजक संस्था को कम से कम 30 वर्षों तक भूमि के वैध स्वामित्व का प्रमाण देना होगा। इसके अलावा प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों और डिजिटल संसाधनों जैसी आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं को अनिवार्य बनाया गया है।

इस नए ढांचे के तहत विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी के मानकों के अनुरूप प्रतिष्ठित विदेशी शिक्षण संस्थानों को भी दिल्ली में अपना परिसर स्थापित करने की अनुमति होगी। साथ ही देश के अन्य हिस्सों में स्थित विश्वविद्यालयों के ऑफ-कैंपस सेंटर खोलने और बहुविषयक संस्थान बनाने को प्रोत्साहन दिया जाएगा। यह पूरी व्यवस्था राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सिद्धांतों के साथ तालमेल बिठाकर तैयार की गई है।

विश्वविद्यालयों की स्थापना के प्रस्तावों की जांच एक विशेषज्ञ समिति करेगी, जिसमें वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, यूजीसी प्रतिनिधि, वित्त विशेषज्ञ और शिक्षाविद शामिल होंगे। यह समिति प्रायोजक संस्था की वित्तीय क्षमता, शैक्षणिक साख और पाठ्यक्रमों की प्रासंगिकता का आकलन करने के बाद ही अपनी सिफारिश सौंपेगी। इसके साथ ही शैक्षणिक गुणवत्ता, प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षा और शासन व्यवस्था की निगरानी के लिए 'दिल्ली प्राइवेट यूनिवर्सिटीज रेगुलेटरी अथॉरिटी' का गठन किया जाएगा।

सरकार के अनुसार ये सभी निजी विश्वविद्यालय पूरी तरह से स्व-वित्तपोषित होंगे और उन्हें किसी भी प्रकार का सरकारी अनुदान प्राप्त नहीं होगा। हालांकि, ये संस्थान प्रतिस्पर्धी नियमों के तहत सरकार द्वारा वित्तपोषित अनुसंधान परियोजनाओं और शैक्षणिक फंडिंग के लिए आवेदन कर सकेंगे। राज्य सरकार को उम्मीद है कि इस कदम से दिल्ली में शिक्षा क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिलेगा और नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

इनसे संबंधितdelhi-ncrDelhi CabinetEducation PolicyPrivate Universities BillAshish SoodDelhi News
शेयर

लेखक

टिप्पणियाँ

0

चर्चा में शामिल होने के लिए साइन इन करें। टिप्पणियाँ शिष्टता के लिए संचालित होती हैं।

आगे पढ़ें

संबंधित कवरेज

फरीदाबाद में सरकारी छुट्टियों पर भी मतदान केंद्रों पर बैठेंगे बीएलओ, मतदाता सूची से जुड़े काम होंगे3 हज़ार

फरीदाबाद में सरकारी छुट्टियों पर भी मतदान केंद्रों पर बैठेंगे बीएलओ, मतदाता सूची से जुड़े काम होंगे

विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत 23, 29 और 30 अगस्त को फरीदाबाद के मतदान केंद्रों पर दावे और आपत्तियां दर्ज की जाएंगी।

उत्तम नगर से डाबड़ी मोड़ के बीच पंखा रोड पर बनेंगे दो फुट ओवर ब्रिज, जाम से मिलेगी राहत1.9 हज़ार

उत्तम नगर से डाबड़ी मोड़ के बीच पंखा रोड पर बनेंगे दो फुट ओवर ब्रिज, जाम से मिलेगी राहत

पंखा रोड पर पैदल यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाने और ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए पीडब्ल्यूडी ने दो नए फुट ओवर ब्रिज बनाने की योजना बनाई है।

गुरुग्राम: फर्रुखनगर में सड़क निर्माण के चलते फाजिलपुर मोड़ मार्ग बंद, भारी वाहनों का प्रवेश 20 दिन रहेगा प्रभावित5.3 हज़ार

गुरुग्राम: फर्रुखनगर में सड़क निर्माण के चलते फाजिलपुर मोड़ मार्ग बंद, भारी वाहनों का प्रवेश 20 दिन रहेगा प्रभावित

फर्रुखनगर में सड़क निर्माण कार्य के चलते फाजिलपुर मोड़ मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही 15 से 20 दिनों के लिए बंद कर दी गई है।