गुरुग्राम सीमा पर दिखीं अनूठी कांवड़ें, 5.5 करोड़ की सुपरकार से लेकर 'जिम कांवड़' बनीं आकर्षण का केंद्र
सावन माह में हरिद्वार से लौट रहे शिवभक्त आस्था के साथ-साथ युवाओं को नशे के खिलाफ और फिटनेस के प्रति जागरूक कर रहे हैं।

सावन के पावन महीने में हरिद्वार से जल लेकर लौट रहे कांवड़ियों की यात्रा अब गुरुग्राम और दिल्ली-एनसीआर के इलाकों में पूरे उत्साह के साथ आगे बढ़ रही है। इस बार राजमार्गों पर केवल पारंपरिक कांवड़ ही नहीं, बल्कि भक्ति और सामाजिक संदेशों के कई अनूठे रूप देखने को मिल रहे हैं। शिवभक्त अपनी रचनात्मकता के जरिए श्रद्धालुओं और आम जनता का ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं।
गुरुग्राम से सटे नजफगढ़ क्षेत्र के युवाओं की टोली इस यात्रा में एक 'चलते-फिरते जिम' वाली कांवड़ लेकर निकली है। इस विशेष कांवड़ वाहन में डंबल्स, बारबेल्स और पुल-अप बार जैसे व्यायाम के उपकरण लगाए गए हैं। यात्रा के दौरान भजन बजते ही युवा कसरत करते हैं और फिर गंगाजल लेकर आगे बढ़ते हैं।
इस जिम कांवड़ को दिल्ली पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल अमित, उनके साथी चिराग, मितू और सोनू लेकर आ रहे हैं। अमित के अनुसार, इस समय युवाओं में नशे की लत बढ़ रही है जिसके कारण वे अपराध की तरफ भटकने लगते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए वे हरिद्वार से लेकर गुरुग्राम तक युवाओं को नशे से दूर रहने और बेहतर शारीरिक फिटनेस बनाए रखने का संदेश दे रहे हैं।
दूसरी ओर, दिल्ली-गुरुग्राम सीमा से सटे नवादा गांव के युवाओं की टोली 5.5 करोड़ रुपये मूल्य की मैकलारेन 720एस सुपरकार पर भगवान शिव के स्वरूप को विराजमान कर ला रही है। युवाओं ने बताया कि वे अपने आराध्य देव को भव्य और आधुनिक तरीके से गांव ले जाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने महीनों की मेहनत से यह अनूठा मॉडल तैयार किया है, जिसे देखने के लिए हाईवे पर लोगों की भीड़ उमड़ रही है।
हरियाणा के सोनीपत अंतर्गत खरखौदा क्षेत्र के शिवभक्त अपनी 'गोल्डन कांवड़' के साथ हरिद्वार से लौट रहे हैं, जिसमें गोल्ड प्लेटेड शिव स्वरूप सजाया गया है। सुरक्षा के लिहाज से इस टोली के साथ विशेष रूप से अन्य ग्रामीण भी मुस्तैद हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि उनके आराध्य देव स्वर्ण से भी अधिक मूल्यवान हैं, इसलिए यह उनकी भक्ति प्रकट करने का एक तरीका है।
इसके अलावा कांवड़ यात्रा में राष्ट्रीय ध्वज 'तिरंगा', मिसाइल मॉडल तथा डिजिटल स्क्रीन और साउंड सिस्टम वाली कांवड़ें भी देखी जा रही हैं। कई भक्तों ने अपनी कांवड़ को नोटों की माला, रुद्राक्ष और तुलसी के पौधों से सजाया है, जो मार्ग से गुजरते हुए लोगों के बीच कौतूहल का विषय बनी हुई हैं।
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