पानीपत में छात्रों पर लाठीचार्ज के खिलाफ सड़कों पर उतरे किसान और छात्र संगठन, सरकार का फूंका पुतला
दिल्ली में युवाओं पर हुए लाठीचार्ज और नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में पानीपत में संयुक्त किसान मोर्चा और छात्र संगठनों ने प्रदर्शन किया।

दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी के खिलाफ पानीपत में व्यापक रोष देखने को मिला। छात्र संगठन इनसो और संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) से जुड़े कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने कांग्रेस नेता सचिन कुंडू को हिरासत में ले लिया। वहीं, युवा ग्रामीण जिलाध्यक्ष जसबीर जागलान और पूर्व विधायक धर्म सिंह छौक्कर के भाई कंवर सिंह छौक्कर को पुलिस ने उनके घरों में नजरबंद कर दिया।
असंध रोड स्थित किसान भवन के समक्ष हुए इस प्रदर्शन में अखिल भारतीय किसान सभा, भारतीय किसान यूनियन, सीटू और एटक के कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। विभिन्न मजदूर व किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर केंद्र सरकार का पुतला दहन किया।
प्रदर्शन का नेतृत्व सीटू के राज्य सचिव सुनील दत्त, किसान सभा के जिला प्रधान डॉ. सुरेंद्र मलिक, सचिन राजपाल और बीकेयू उपाध्यक्ष अनिल कादियान ने किया। बीकेयू के उपाध्यक्ष अनिल कादियान ने दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों को हर संभव मदद पहुंचाने का भरोसा दिया।
बीकेयू नेता ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अमेरिका, यूरोपीय संघ, यूके और न्यूजीलैंड के साथ मुक्त व्यापार और कृषि समझौते कर रही है। उनका कहना था कि इन समझौतों से देश का किसान पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगा।
किसान संगठनों ने आगामी रणनीति का खुलासा करते हुए बताया कि लाठीचार्ज के विरोध में 29 जुलाई को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में राष्ट्रीय कन्वेंशन का आयोजन होगा। इसके बाद 10 अगस्त को जेल भरो आंदोलन चलाया जाएगा और अक्तूबर में संसद मार्च किया जाएगा।
दूसरी ओर, पुलिस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस ने भी प्रदर्शन की रणनीति बनाई है। पार्टी वीरवार को जिला सचिवालय के सामने प्रदर्शन करेगी और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपेगी।
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