ग्रेटर नोएडा और नोएडा में जर्जर नाले बने मुसीबत, जलजमाव और सीवर ओवरफ्लो से लोग परेशान
नोएडा के सेक्टर 51 और ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पी-3 में पुराने नालों और जाम सीवर नेटवर्क की वजह से निवासियों को जलभराव और बीमारियों का खतरा सता रहा है।

ग्रेटर नोएडा और नोएडा के कई सेक्टरों में जल निकासी की पुरानी और जर्जर व्यवस्था के कारण स्थानीय निवासियों को मानसूनी बारिश के दौरान भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पी-3 और नोएडा के सेक्टर 51 में नालों की मरम्मत न होने और सीवर लाइन जाम रहने से जलभराव तथा ओवरफ्लो की समस्या गंभीर हो चुकी है। गंदे पानी के जमाव की वजह से इलाकों में बदबू फैल रही है और डेंगू तथा मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पी-3 आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष अमित भाटी के अनुसार, क्षेत्र का मुख्य हवेलीया नाला लगभग 25 से 30 साल पुराना है और अपनी मियाद पूरी कर चुका है। उन्होंने बताया कि यह नाला कई स्थानों पर टूट चुका है और अब आबादी के बढ़ते दबाव को झेलने में सक्षम नहीं है। आरडब्ल्यूए ने प्राधिकरण से नाले के बुनियादी ढांचे को सुधारने और मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के लिए फॉगिंग कराने की मांग की है।
मामले पर संज्ञान लेते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक (ड्रेनेज) मनोज सचान ने बताया कि हवेलीया नाले के पुनरुद्धार का काम शुरू करने के लिए टीम तैनात कर दी गई है। उन्होंने कहा कि पूरे 13 किलोमीटर लंबे नाले की सफाई करने और उसकी जल वहन क्षमता में सुधार के लिए करीब 3 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट तैयार किया गया है।
वहीं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक राजेश गौतम ने जानकारी दी कि आरडब्ल्यूए के आवेदन पर बुधवार को प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि टेंडर प्रक्रिया में समय लगता है, लेकिन जिला मलेरिया अधिकारी से तेजी से काम करने का अनुरोध किया गया है ताकि अगले एक-दो दिनों में फॉगिंग का कार्य शुरू किया जा सके।
दूसरी ओर, नोएडा के सेक्टर 51 स्थित ए और बी ब्लॉक के आरडब्ल्यूए ने 28 जुलाई को नोएडा प्राधिकरण को पत्र लिखकर मुख्य ट्रंक सीवर लाइन में ब्लॉक की शिकायत की है। आरडब्ल्यूए का आरोप है कि सीवर लाइन बंद होने के कारण गंदा पानी कॉलोनियों की नालियों में बैक मार रहा है, जिससे ए ब्लॉक में दुर्गंध और अस्वच्छ स्थिति पैदा हो गई है। इसके अलावा सेक्टर 50 और 51 को जोड़ने वाली सड़कों के किनारे बने नाले भी पूरी तरह से बंद पड़े हैं।
आरडब्ल्यूए के महासचिव पुलकित कांत ने बताया कि वर्षों से रख-रखाव न होने के कारण सीवर और ड्रेनेज लाइनें कई जगह आपस में मिल गई हैं। सीवर लाइन बंद होने के कारण गंदा पानी सड़कों के नालों में जा रहा है और बारिश के दौरान यह पानी पूरे सेक्टर में जलभराव का कारण बन रहा है।
नोएडा जल विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक प्रेम सेन ने बताया कि सीवर लाइन की सफाई का काम पिछले महीने कराया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि मानसून का मौसम होने के कारण सीवर नेटवर्क से जुड़े निर्माण और मरम्मत के कार्य फिलहाल रोक दिए गए हैं।
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