दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के अंत में केवल 61 प्रतिशत चुनावी फॉर्म हुए डिजिटाइज
घर-घर सत्यापन का समय समाप्त होने के नजदीक पहुंचने के बावजूद दिल्ली में अब तक लगभग चार लाख डिजिटल प्रविष्टियां लंबित हैं।

दिल्ली दर्पण ब्यूरो रिपोर्ट :- दिल्ली में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का घर-घर जाकर सत्यापन चरण समाप्त होने में एक सप्ताह से भी कम समय बचा है, लेकिन अब तक केवल 61 प्रतिशत फॉर्म ही डिजिटाइज हो पाए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के हालिया आंकड़ों से पता चला है कि मतदाताओं से एकत्र किए गए कुल फॉर्मों में से लगभग 40 प्रतिशत फॉर्म अभी भी डिजिटल सिस्टम में दर्ज होना बाकी हैं।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राजधानी के लगभग 1,45,06,579 मतदाताओं को गणना फॉर्म वितरित किए गए हैं, जो कुल मतदाताओं का लगभग 99.97 प्रतिशत है। हालांकि, इनमें से अब तक केवल 88,06,596 फॉर्मों का ही डिजिटलीकरण पूरा हो सका है।
एक अधिकारी ने बताया कि बूथ स्तर के अधिकारियों ने लगभग 80 प्रतिशत फॉर्म एकत्र कर लिए हैं, लेकिन उनका ब्योरा ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किया जाना अभी बाकी है। चुनावी प्रशासन ने सभी बीएलओ को निर्देश दिया है कि वे एकत्र किए गए सभी फॉर्मों को निर्धारित समय सीमा के भीतर डिजिटाइज करना सुनिश्चित करें।
जिलों के प्रदर्शन में काफी अंतर देखने को मिला है। आउटर नॉर्थ जिला 71.11 प्रतिशत डिजिटलीकरण के साथ सबसे आगे है, जिसके बाद साउथ वेस्ट 69.74 प्रतिशत और वेस्ट जिला 67.53 प्रतिशत पर हैं।
दूसरी ओर, साउथ ईस्ट जिले में केवल 47.83 प्रतिशत फॉर्म ही डिजिटाइज हुए हैं, जो सभी जिलों में सबसे कम है। इसके अलावा ईस्ट जिले में 53.16 प्रतिशत और साउथ जिले में 54.12 प्रतिशत का काम पूरा हुआ है, जो राष्ट्रीय राजधानी के औसत से काफी पीछे हैं।
विशेष गहन पुनरीक्षण का यह गणना चरण 8 अगस्त को समाप्त होने वाला है। इससे पहले क्षेत्र में सत्यापन का काम पूरा करने के लिए 15 जुलाई को इस अवधि को 10 दिनों के लिए बढ़ाया गया था। नई समय सीमा के अनुसार संशोधित मतदाता सूची का प्रारूप 17 अगस्त को प्रकाशित किया जाएगा, जबकि अंतिम प्रकाशन 19 अक्टूबर को होना तय है।
राजधानी में यह पूरा अभियान सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों और 13,000 से अधिक मतदान केंद्रों पर चलाया जा रहा है। चुनाव आयोग ने कहा है कि इस पुनरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से न छूटे और किसी भी अयोग्य व्यक्ति को इसमें शामिल न किया जाए।
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