सामग्री पर जाएँ
ताज़ा
अशोक विहार रामलीला भूमि पूजन : प्रधान ललित गर्ग की सूझबूझ से थमा 'राजनीतिक तूफान' ; मंच पर एक साथ दिखे पवन अग्रवाल और अनिल गुप्तागुरुग्राम: शादी के लिए पैसे वापस मांगना पड़ा भारी, पूर्व सहकर्मी ने की थी कंपनी मैनेजर की हत्यारोहतक में सजी 'बॉक्सिंग ब्लास्ट फाइट नाइट', 14 नेशनल मुक्केबाजों ने रिंग में दिखाया दमस्वरूप नगर गैंगरेप-हत्याकांड: नाबालिग आरोपियों पर वयस्कों की तरह मुकदमा चलाने की मांग करेगी दिल्ली पुलिस"चार में से तीन प्रमुख पदों पर एबीवीपी की जीत से गदगद हुए सांसद प्रवीन खंडेलवाल, कहा—छात्रों ने नकार दी है नकारात्मक राजनीति"फरीदाबाद: आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की धमकी देकर दुष्कर्म करने वाला आरोपी राजस्थान से गिरफ्तार

यमुना से जुड़े नालों के किनारे 33 जगहों पर मिला ठोस कचरा, सीपीसीबी ने एनजीटी को सौंपी रिपोर्ट

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और डीपीसीसी की जांच में शाहदरा और साहिबी नालों के विभिन्न स्थानों पर कचरा डंप किए जाने की पुष्टि हुई है।

Delhi Darpan Desk
Delhi Darpan Deskसमाचार डेस्क
शेयर
25 जुलाई 2026 · 9:49 am3 हज़ार व्यूज़अपडेटेड 9:49 am
यमुना से जुड़े नालों के किनारे 33 जगहों पर मिला ठोस कचरा, सीपीसीबी ने एनजीटी को सौंपी रिपोर्ट
यमुना से जुड़े नालों के किनारे 33 जगहों पर मिला ठोस कचरा, सीपीसीबी ने एनजीटी को सौंपी रिपोर्टHindustan Times

राजधानी में यमुना नदी में गिरने वाले प्रमुख नालों के किनारे बड़े पैमाने पर ठोस कचरा डंप किए जाने का मामला सामने आया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) द्वारा किए गए आकलन के अनुसार, मई 2025 से अप्रैल 2026 के दौरान शाहदरा और साहिबी नालों के पास 33 स्थानों पर ठोस कचरा फेंका हुआ पाया गया।

सीपीसीबी ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में दाखिल अपने जवाब में यह जानकारी दी है। एनजीटी में यह मामला अप्रैल 2026 की एक खबर के बाद शुरू हुआ था, जिसमें ओखला लैंडफिल से निकला कचरा यमुना के पास डंप किए जाने की बात कही गई थी।

एनजीटी को दिए जवाब में सीपीसीबी ने बताया कि उसने स्वच्छ गंगा राष्ट्रीय मिशन (एनएमसीजी) के साथ मिलकर यमुना और उसके मुख्य नालों की जल गुणवत्ता निगरानी नेटवर्क के विस्तार की जरूरत बताई थी। इसके तहत साहिबी (नजफगढ़ नाला) और शाहदरा नाले को निगरानी प्रक्रिया में शामिल किया गया था।

इस कार्यक्रम के तहत सीपीसीबी, डीपीसीसी और दिल्ली जल बोर्ड ने मिलकर मई 2025 से अप्रैल 2026 तक मासिक आधार पर साहिबी और शाहदरा नालों के अलावा उनके उप-नालों के 52 स्थानों की निगरानी की। इस दौरान 52 में से 33 स्थानों पर ठोस कचरा जमा पाया गया।

सीपीसीबी ने इस स्थिति पर कार्रवाई के लिए रिपोर्ट को एनएमसीजी, दिल्ली जल बोर्ड, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), डीपीसीसी के साथ-साथ हरियाणा और उत्तर प्रदेश के राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को भेजा है। इसका उद्देश्य संबंधित क्षेत्रों में आवश्यक कदम उठाना है।

वहीं डीपीसीसी ने भी कई एजेंसियों से इस संबंध में कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) तलब की है। इनमें सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी), लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), दिल्ली सरकार, दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) और नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) शामिल हैं।

इनके अलावा दिल्ली सरकार के शहरी विकास विभाग, दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं बुनियादी ढांचा विकास निगम (डीएसआईआईडीसी) और दिल्ली कैंट बोर्ड को भी अपनी एटीआर दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन अब इन नालों में कचरे के डंपिंग को रोकने के लिए समीक्षा कर रहा है।

इनसे संबंधितdelhi-ncrdelhi-civicYamuna RiverCPCBDelhi WasteNGTDPCC
शेयर

लेखक

टिप्पणियाँ

0

चर्चा में शामिल होने के लिए साइन इन करें। टिप्पणियाँ शिष्टता के लिए संचालित होती हैं।

आगे पढ़ें

संबंधित कवरेज

भरतपुर नगर निगम चुनाव: राजनीतिक दलों पर भारी पड़े निर्दलीय, 36 वार्डों में दर्ज की जीत824

भरतपुर नगर निगम चुनाव: राजनीतिक दलों पर भारी पड़े निर्दलीय, 36 वार्डों में दर्ज की जीत

भरतपुर नगर निगम में 65 में से 36 वार्डों पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने कब्जा जमाया और कुल मतदान का लगभग 55 प्रतिशत वोट हासिल किया।

द्वारका में बनेगा दिल्ली का पहला राज्य अतिथि गृह 'दिल्ली सदन', 151.97 करोड़ रुपये की मिली मंजूरी1.8 हज़ार

द्वारका में बनेगा दिल्ली का पहला राज्य अतिथि गृह 'दिल्ली सदन', 151.97 करोड़ रुपये की मिली मंजूरी

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता वाली व्यय वित्त समिति ने द्वारका सेक्टर 19 में राज्य अतिथि गृह के निर्माण को हरी झंडी दे दी है।

₹2,000 से ज्यादा UPI पेमेंट पर लगेगा चार्ज? जानिए सरकार के नए नियम की पूरी सच्चाई1.7 हज़ार

₹2,000 से ज्यादा UPI पेमेंट पर लगेगा चार्ज? जानिए सरकार के नए नियम की पूरी सच्चाई

₹2,000 से अधिक के हर UPI ट्रांजैक्शन पर टैक्स नहीं लगेगा. नया 0.4% MDR केवल कुछ मर्चेंट (P2M) भुगतान पर लागू होगा. आम लोगों के बीच होने वाले UPI ट्रांजैक्शन पहले की तरह मुफ्त रहेंगे.