अलवर में बारिश और ओलावृष्टि से लुढ़का पारा, सुबह-शाम बढ़ी ठंडक; रबी की बुवाई को मिलेगी गति
अलवर में तेज हवाओं और बारिश के बाद तापमान 21 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे जहां रबी फसलों की बुवाई को बल मिलेगा वहीं प्याज की फसल पर संकट मंडरा रहा है।
अलवर जिले में शुक्रवार को तेज हवाओं के साथ हुई बारिश और ओलावृष्टि के बाद मौसम में अचानक बड़ा बदलाव दर्ज किया गया है। बरसात के बाद से ही क्षेत्र में ठंडक बढ़ गई है और शनिवार सुबह भी इसका खासा असर देखने को मिला। जिले के कई हिस्सों में सुबह से घने बादल छाए रहे और सुबह करीब नौ बजे तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को अलवर में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। रविवार को अधिकतम तापमान मामूली बढ़त के साथ 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। हालांकि, आने वाले दिनों में रात के तापमान में लगातार गिरावट आने से सुबह और शाम की ठंड बढ़ने के आसार हैं।
इस मौसमी उलटफेर का सीधा असर खेती-किसानी पर भी पड़ा है। जिले के जिन इलाकों में ओलावृष्टि हुई है, वहां खेतों में तैयार खड़ी प्याज की फसल को नुकसान होने का अंदेशा है। अचानक हुई ओलावृष्टि से प्याज उत्पादक किसानों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
दूसरी तरफ, इस बरसात से रबी सीजन की तैयारी कर रहे किसानों को बड़ी राहत मिली है। लंबे समय से सूखी पड़ी जमीन में पर्याप्त नमी आ जाने से सरसों और गेहूं की बुवाई में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। अनुकूल नमी मिलने से किसान अब खेतों में बुवाई का काम जल्द शुरू कर सकेंगे।
मौसम विभाग की ओर से जारी 24 से 29 अक्टूबर तक के पूर्वानुमान के मुताबिक अलवर में आगामी दिनों में मौसम आंशिक बादलों से लेकर मुख्य रूप से साफ बना रहेगा। इस दौरान जिले का अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच बने रहने की संभावना है।
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