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नई दिल्ली में BRICS Summit 2026 का आगाज, ग्लोबल साउथ की आवाज बन रहा है भारत

क्या है BRICS और इसका सफर, भारत के लिए क्यों अहम है यह सम्मेलन?

Sakshi Jha
Sakshi JhaJournalist
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11 सितंबर 2026 · 1:01 pm4 हज़ार व्यूज़अपडेटेड 1:16 pmनई दिल्ली
नई दिल्ली में BRICS Summit 2026 का आगाज, ग्लोबल साउथ की आवाज बन रहा है भारत
नई दिल्ली में BRICS Summit 2026 का आगाज, ग्लोबल साउथ की आवाज बन रहा है भारत

साक्षी झा , दिल्ली दर्पण

नई दिल्ली : राजधानी नई दिल्ली में BRICS Summit 2026 का आयोजन हो रहा है, और पूरी दुनिया की निगाहें भारत पर टिकी हैं. दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के नेता एक मंच पर हैं, सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतज़ाम हैं और कई ऐसे फैसलों की उम्मीद है जो आने वाले वर्षों में वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था की दिशा तय कर सकते हैं.

आखिर क्या है BRICS ?

करीब दो दशक पहले, जब वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पश्चिमी देशों का दबदबा माना जाता था, तब उभरती अर्थव्यवस्थाओं ने अपनी अलग और मजबूत पहचान बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया. इसी सोच के साथ साल 2006 में ब्राज़ील, रूस, भारत और चीन एक मंच पर आए. इसके बाद 2009 में रूस के येकातेरिनबर्ग शहर में पहला BRIC शिखर सम्मेलन आयोजित हुआ. फिर 2010 में दक्षिण अफ्रीका इस समूह में शामिल हुआ और BRIC, BRICS बन गया.समय के साथ इस संगठन का विस्तार होता गया.आज BRICS दुनिया की करीब आधी आबादी, वैश्विक अर्थव्यवस्था के बड़े हिस्से और ऊर्जा संसाधनों पर महत्वपूर्ण प्रभाव रखने वाले देशों का समूह बन चुका है. यही वजह है कि इसे बदलती विश्व व्यवस्था की एक बड़ी ताकत के तौर पर देखा जा रहा है और यही कारण है कि इस बार भारत में हो रहा सिर्फ एक कूटनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति का अहम पड़ाव माना जा रहा है.

भारत के लिए यह BRICS Summit इतना महत्वपूर्ण क्यों है?

भारत इस बार सिर्फ मेज़बान नहीं, बल्कि Global South की आवाज़ को और मजबूत करने की कोशिश कर रहा है. ऐसे समय में जब दुनिया व्यापारिक तनाव, क्षेत्रीय संघर्ष, ऊर्जा संकट और नई तकनीकों की प्रतिस्पर्धा जैसी चुनौतियों से गुजर रही है, भारत सहयोग और संतुलन की नीति पर जोर दे रहा है.इस सम्मेलन में व्यापार, डिजिटल इकोनॉमी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सप्लाई चेन, ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, स्थानीय मुद्राओं में व्यापार और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हो रही है. और जब दुनिया के सबसे ताकतवर नेताओं का जमावड़ा राजधानी दिल्ली में हो, तो सुरक्षा व्यवस्था का अभेद्य होना भी स्वाभाविक है.

दिल्ली में सुरक्षा कैसे बढाई गई ?

BRICS Summit को देखते हुए पूरी राजधानी को हाई सिक्योरिटी ज़ोन में तब्दील कर दिया गया है.दिल्ली पुलिस, अर्धसैनिक बल, NSG, SPG और अन्य सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं. प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू हैं. विदेशी मेहमानों के स्वागत के लिए दिल्ली की प्रमुख सड़कों, चौराहों और फाउंटेन को आकर्षक लाइटिंग और BRICS देशों के झंडों से सजाया गया है.

सम्मेलन में ऐसे कौन-से मुद्दे हैं, जिन पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है?

इस बार एजेंडा सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं है. दुनिया की बदलती परिस्थितियों को देखते हुए ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल सहयोग, आतंकवाद के खिलाफ साझा रणनीति, सप्लाई चेन, जलवायु परिवर्तन, स्थानीय मुद्राओं में व्यापार और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था जैसे बड़े मुद्दों पर चर्चा हो रही है.माना जा रहा है कि इन विषयों पर होने वाले फैसले आने वाले वर्षों में वैश्विक आर्थिक और रणनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं. इन्हीं मुद्दों के साथ दुनिया की नजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अन्य देशों के नेताओं के साथ होने वाली द्विपक्षीय बैठकों पर भी टिकी हुई है.सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कर रहे हैं. इन बैठकों में व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, नई तकनीक, कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही है.

विशेषज्ञों का मानना है कि BRICS अब सिर्फ एक आर्थिक मंच नहीं, बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन को प्रभावित करने वाला संगठन बनता जा रहा है और भारत इसमें एक अहम भूमिका निभा रहा है.तो BRICS Summit 2026 सिर्फ एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन नहीं, बल्कि बदलती वैश्विक व्यवस्था में भारत की बढ़ती भूमिका का भी प्रतीक बन चुका हैं

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