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रूस-यूक्रेन युद्ध में शांति की नई उम्मीद: मॉस्को में अमेरिकी प्रतिनिधियों से हुई अहम बैठक, कीव और मॉस्को पर 3 दिन के लिए हमले रुके

क्रेमलिन ने अमेरिका के साथ वार्ता को बताया 'रचनात्मक', ट्रंप के विशेष दूतों ने रखा नया शांति प्रस्ताव; दोनों देशों की राजधानियों पर अस्थायी युद्धविराम लागू

Delhi Darpan Desk
Delhi Darpan Deskसमाचार डेस्क
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6 सितंबर 2026 · 3:32 am4 हज़ार व्यूज़अपडेटेड 4:31 amमॉस्को
रूस-यूक्रेन युद्ध में शांति की नई उम्मीद: मॉस्को में अमेरिकी प्रतिनिधियों से हुई अहम बैठक, कीव और मॉस्को पर 3 दिन के लिए हमले रुके
रूस-यूक्रेन युद्ध में शांति की नई उम्मीद: मॉस्को में अमेरिकी प्रतिनिधियों से हुई अहम बैठक, कीव और मॉस्को पर 3 दिन के लिए हमले रुके

असद अहमद, दिल्ली दर्पण टीवी

मॉस्को: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच शांति की दिशा में एक नई कूटनीतिक पहल देखने को मिली है। रूस के क्रेमलिन ने मॉस्को में अमेरिकी शांति दूतों के साथ हुई बैठक को "रचनात्मक" और "उपयोगी" बताया है। करीब तीन घंटे चली इस उच्चस्तरीय वार्ता में युद्ध समाप्त करने के संभावित रास्तों और दोनों देशों के बीच प्रत्यक्ष बातचीत की संभावना पर चर्चा हुई।

बैठक ऐसे समय हुई जब रूस और यूक्रेन ने अपनी-अपनी राजधानियों पर हवाई हमलों को तीन दिनों के लिए अस्थायी रूप से रोकने का फैसला किया।

कीव और मॉस्को पर 72 घंटे का युद्धविराम

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शनिवार आधी रात से कीव पर 72 घंटे तक हवाई हमले रोकने का आदेश दिया। इसके जवाब में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने भी घोषणा की कि यूक्रेन सोमवार तक मॉस्को पर किसी भी प्रकार का हमला नहीं करेगा, ताकि शांति वार्ता सुरक्षित माहौल में आगे बढ़ सके।

अमेरिकी दूत लेकर पहुंचे नया शांति प्रस्ताव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भेजे गए विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जैरेड कुशनर ने मॉस्को में रूसी अधिकारियों से मुलाकात की और एक नया शांति प्रस्ताव पेश किया। बैठक में रूस के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव भी मौजूद रहे।

क्रेमलिन के अनुसार, बातचीत का मुख्य विषय रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधियों के बीच प्रत्यक्ष वार्ता शुरू कराने की संभावनाएं थीं।

अभी भी कायम हैं बड़े मतभेद

हालांकि दोनों देशों की राजधानियों पर अस्थायी युद्धविराम लागू किया गया है, लेकिन यूक्रेन के अन्य इलाकों में लड़ाई और गोलाबारी जारी है। रूस अब भी अपने क्षेत्रीय और सुरक्षा संबंधी उद्देश्यों पर कायम है, जबकि यूक्रेन की ओर से भी कई प्रमुख मुद्दों पर सहमति बनना बाकी है।

विश्लेषकों का मानना है कि यह तीन दिवसीय युद्धविराम कूटनीतिक प्रयासों के लिए एक अवसर जरूर है, लेकिन स्थायी शांति समझौते तक पहुंचने के लिए दोनों पक्षों के बीच कई कठिन मुद्दों पर सहमति बनाना अभी बाकी है।

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